RBSE Board 9th Hindi Annual Exam 2026 Answer | आरबीएसई बोर्ड 9वीं हिंदी वार्षिक परीक्षा 2026 उत्तर आज के सही उत्तर देख लो.
अनुक्रमांक (अंकों में) / Roll No. (in figures) :
अनुक्रमांक (शब्दों में) / Roll No. (in words) :
[कुल प्रश्नों की संख्या : 26] [Total No. of Questions: 26]
[समय : 3.15 घण्टे] [Time: 3.15 Hours]
[कुल मुद्रित पृष्ठ : 04] [Total No. of Printed Pages: 04]
[पूर्णांक : 100] [Maximum Marks: 100]
192573
C901
C901
कक्षा 9वीं वार्षिक परीक्षा, 2025-26
Class 9th Annual Examination, 2025-26
हिन्दी / HINDI
[ 901 ]
सामान्य अनुदेश :
1) परीक्षार्थी प्रश्न-पत्र के पहले पृष्ठ पर अपना अनुक्रमांक अवश्य लिखें।
2) प्रत्येक प्रश्न के सामने उसका अंकभार अंकित है।
2) प्रत्येक प्रश्न के सामने उसका अंकभार अंकित है।
General Instructions :
1) Candidate must write his/her Roll Number on the first page of the Question Paper.
2) Marks for every question are indicated alongside.
1) Candidate must write his/her Roll Number on the first page of the Question Paper.
2) Marks for every question are indicated alongside.
खण्ड – अ
प्र.1
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के उत्तर लिखें –
देश प्रेम क्या है? प्रेम ही तो है। इस प्रेम का आलम्बन क्या है? सारा देश अर्थात् मनुष्य, पशु, पक्षी, नाले, वन-पर्वत सहित सारी भूमि। यह प्रेम किस प्रकार का है? यह साहचर्य प्रेम है… देश प्रेम उच्च कोटि का माना गया है।
देश प्रेम क्या है? प्रेम ही तो है। इस प्रेम का आलम्बन क्या है? सारा देश अर्थात् मनुष्य, पशु, पक्षी, नाले, वन-पर्वत सहित सारी भूमि। यह प्रेम किस प्रकार का है? यह साहचर्य प्रेम है… देश प्रेम उच्च कोटि का माना गया है।
(i) आलम्बन शब्द में उपसर्ग का सही विकल्प है –(1)
उत्तर: (ब) आ + लम्बन
(ii) प्रस्तुत गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए –(1)
उत्तर: (ब) देश-प्रेम
(iii) देश प्रेम वास्तव में किस भाव का माना जाता है?(1)
उत्तर: (अ) अन्तःकरण
खण्ड – ब
प्र.3
दिये गये बिन्दुओं के आधार पर किसी एक विषय पर निबन्ध लिखिए –(6)
(अ) पर्यावरण प्रदूषण : कारण और निवारण(ब) विद्यार्थी जीवन में नैतिक शिक्षा की उपयोगिता
(स) मोबाइल एक वरदान या अभिशाप
(द) विद्यार्थी जीवन : भावी जीवन का आधार
हिंट: निबंध लिखते समय प्रस्तावना, विषय-विस्तार (कारण, प्रभाव/उपयोगिता), और उपसंहार (निष्कर्ष) को स्पष्ट रूप से अनुच्छेदों में बाँटकर लिखें। शब्द सीमा का ध्यान रखें।
प्र.4
आपके मित्र ने बोर्ड परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है उसे बधाई देते हुए एक संवाद लिखिए।(5)
अथवा
स्वयं को अभिषेक मानते हुए अपने मित्र को जन्म-दिवस के उपलक्ष्य में बधाई-पत्र लिखिए।
हिंट: पत्र लिखते समय अनौपचारिक पत्र का प्रारूप (पता, दिनांक, प्रिय मित्र, सस्नेह नमस्ते) उपयोग करें। संवाद में दो मित्रों के बीच स्वाभाविक बातचीत दर्शाएं।
प्र.5
आपके विद्यालय में आयोजित “वार्षिकोत्सव” पर एक प्रतिवेदन लिखो।(4)
हिंट: प्रतिवेदन (Report) में घटना का स्थान, दिनांक, मुख्य अतिथि, आयोजित कार्यक्रम (सांस्कृतिक प्रस्तुति, पुरस्कार वितरण) और अंत में आभार प्रदर्शन का विवरण दें।
खण्ड – स
प्र.6
रिक्त स्थान की पूर्ति करो –
(i) नभ, गगन, अम्बर ………………………. शब्द के पर्यायवाची हैं। (1)
उत्तर: आकाश
(ii) “यश” शब्द का विलोम शब्द ………………………. होता है। (1)
उत्तर: अपयश
(iii) ‘उल्टी गंगा बहाना’ मुहावरे का अर्थ ………………………. होता है। (1)
उत्तर: विपरीत कार्य करना / नियम के विरुद्ध काम करना
प्र.7
श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द का अर्थ लिखिए।
(i) अनल (ii) अनिल
(i) अनल (ii) अनिल
उत्तर: अनल = आग (अग्नि), अनिल = हवा (वायु)
प्र.8
परसर्ग ‘ने’ का प्रयोग कर एक वाक्य निर्माण कीजिए।
उत्तर: राम ने रावण को मारा। (या कोई भी सही भूतकालिक सकर्मक वाक्य)
प्र.9
वाक्य के कितने अंग होते हैं? नाम लिखिए।
उत्तर: वाक्य के मुख्य रूप से दो अंग होते हैं: 1. उद्देश्य (Subject), 2. विधेय (Predicate)।
प्र.10
“श्री गणेश करना” मुहावरे का अर्थ बताकर वाक्य में प्रयोग करो। (2)
उत्तर: अर्थ: किसी कार्य को आरंभ करना या शुरू करना।
वाक्य प्रयोग: दीवाली के शुभ अवसर पर पिताजी ने नए व्यापार का श्री गणेश किया।
वाक्य प्रयोग: दीवाली के शुभ अवसर पर पिताजी ने नए व्यापार का श्री गणेश किया।
प्र.11
संयुक्त वाक्य किसे कहते हैं? कोई एक संयुक्त वाक्य का निर्माण करो।
उत्तर: जिस वाक्य में दो या दो से अधिक स्वतंत्र उपवाक्य किसी योजक (और, तथा, या, परन्तु) द्वारा जुड़े हों, उसे संयुक्त वाक्य कहते हैं।
उदाहरण: वह सुबह गया और शाम को लौट आया।
उदाहरण: वह सुबह गया और शाम को लौट आया।
खण्ड – द
प्र.12
निम्नलिखित पठित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के उत्तर लिखें –
सामंती संस्कृति के तत्व भारत में पहले भी रहे हैं। उपभोक्तावाद इस संस्कृति से जुड़ा रहा है। आज सामंत बदल गए हैं, सामंती संस्कृति का मुहावरा बदल गया है। हम सांस्कृतिक अस्मिता की बात कितनी ही करें; परम्पराओं का अवमूल्यन हुआ है, आस्थाओं का क्षरण हुआ है। कड़वा सच तो यह है कि हम बौद्धिक दासता स्वीकार कर रहे हैं, पश्चिम के सांस्कृतिक उपनिवेश बन रहे हैं…
सामंती संस्कृति के तत्व भारत में पहले भी रहे हैं। उपभोक्तावाद इस संस्कृति से जुड़ा रहा है। आज सामंत बदल गए हैं, सामंती संस्कृति का मुहावरा बदल गया है। हम सांस्कृतिक अस्मिता की बात कितनी ही करें; परम्पराओं का अवमूल्यन हुआ है, आस्थाओं का क्षरण हुआ है। कड़वा सच तो यह है कि हम बौद्धिक दासता स्वीकार कर रहे हैं, पश्चिम के सांस्कृतिक उपनिवेश बन रहे हैं…
(i) सामंती संस्कृति के कौनसे तत्व भारत में पहले भी रहे हैं? (1)
उत्तर: गद्यांश के अनुसार, उपभोक्तावाद से जुड़े तत्व भारत में पहले भी रहे हैं।
(ii) परम्पराओं का अवमूल्यन और आस्थाओं का क्षरण किसके कारण हुआ है? (1)
उत्तर: पश्चिमी संस्कृति के अनुकरण और उपभोक्तावाद के कारण।
(iii) उपभोक्तावाद की संस्कृति का पालन करते हुए हम किसकी दासता स्वीकार कर रहे हैं? (1)
उत्तर: हम बौद्धिक दासता (पश्चिम की) स्वीकार कर रहे हैं।
प्र.13
निम्नलिखित पठित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए –
बूढ़े पीपल ने आगे बढ़कर जुहार की,
‘बरस बाद सुधि लीन्हीं’
बोली अकुलाई लता ओट हो किवार की,
हरसाया ताल लाया पानी परात भर के।
मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के।
‘बरस बाद सुधि लीन्हीं’
बोली अकुलाई लता ओट हो किवार की,
हरसाया ताल लाया पानी परात भर के।
मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के।
(i) पद्यांश के अनुसार बड़े बन-ठन के सँवर के कौन आया? (1)
उत्तर: मेघ (बादल)
(ii) ‘बरस बाद सुधि लीन्हीं’ पंक्तियों का भावार्थ अपने शब्दों में लिखिए। (1)
उत्तर: लता रूपी नायिका उलाहना देते हुए कह रही है कि आपने पूरे एक वर्ष बाद हमारी याद की है।
अथवा
हिन्दू मूआ राम कहि, मुसलमान खुदाई।
कहै कबीर सो जीवता, जो दुहुँ के निकटि न जाई।।
काबा फिरी कासी भया, रामहि भया रहीम।
मोट चून मैदा भया, बैठि कबीरा जीम।।
कहै कबीर सो जीवता, जो दुहुँ के निकटि न जाई।।
काबा फिरी कासी भया, रामहि भया रहीम।
मोट चून मैदा भया, बैठि कबीरा जीम।।
(i) कबीर के अनुसार कौन व्यक्ति जीवित रहता है? (1)
उत्तर: जो राम और खुदा के धार्मिक भेदभाव (दोनों के निकट नहीं जाता) से दूर रहता है।
(ii) “मोट चून मैदा भया” का क्या अर्थ है? लिखिए। (1)
उत्तर: इसका अर्थ है कि धार्मिक भेदभाव की बुराइयाँ समाप्त होकर मन पवित्र (मोटे आटे से बारीक मैदा) हो गया है।
प्र.14
अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न – (उत्तर सीमा 20 शब्द)
निम्न प्रश्नों के उत्तर 10-20 शब्दों में लिखिए –
निम्न प्रश्नों के उत्तर 10-20 शब्दों में लिखिए –
(i) ‘ल्हासा की ओर’ यात्रा-वृत्तांत किस देश की यात्रा से लिया गया है? (1)
उत्तर: तिब्बत की यात्रा से।
(ii) ‘कैदी और कोकिला’ कविता किसने लिखी? नाम लिखिए। (1)
उत्तर: माखनलाल चतुर्वेदी ने।
(iii) ‘इस जल प्रलय में’ शीर्षक पाठ के लेखक कौन हैं? (1)
उत्तर: फणीश्वरनाथ रेणु।
प्र.15
लेखक को भिखमंगे का वेश बनाकर यात्रा क्यों करनी पड़ी थी?(2)
उत्तर: तिब्बत में उस समय डाकुओं का बहुत भय था। खून हो जाने का डर रहता था। भिखमंगे का वेश देखकर डाकू उन्हें छोड़ देते थे, इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से लेखक को भिखमंगे का वेश बनाकर यात्रा करनी पड़ी।
प्र.16
उपभोक्ता संस्कृति से सबसे बड़ा खतरा क्या है? लिखिए।(2)
उत्तर: उपभोक्ता संस्कृति से सबसे बड़ा खतरा सामाजिक विषमता और दिखावे की प्रवृत्ति का बढ़ना है। इससे मानवीय मूल्यों और परम्पराओं का क्षरण हो रहा है।
प्र.19
कोयल अर्द्धरात्रि को क्यों चीख उठती है? ‘कैदी और कोकिला’ पाठ के आधार पर लिखिए।(2)
उत्तर: कोयल अर्द्धरात्रि में इसलिए चीख उठती है क्योंकि शायद उसने अंग्रेजी शासन की क्रूरता रूपी दावानल (जंगल की आग) की ज्वालाएं देख ली हैं। वह देशवासियों को जगाने और विद्रोह का संदेश देने आई है।
प्र.23
शंकर जैसे लड़के या उमा जैसी लड़की – समाज को कैसे व्यक्तित्व की जरूरत है? ‘रीढ़ की हड्डी’ पाठ को ध्यान में रखते हुए तर्क सहित उत्तर लिखिए।(3)
उत्तर: समाज को ‘उमा’ जैसे साहसी, स्वाभिमानी और स्पष्टवादी व्यक्तित्व की आवश्यकता है। उमा शिक्षित है और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना जानती है। दूसरी ओर, शंकर चरित्रहीन और बिना ‘रीढ़ की हड्डी’ (व्यक्तित्वहीन) वाला लड़का है, जो समाज के विकास में बाधक है।
प्र.24
प्रेमचंद या माखनलाल चतुर्वेदी में से किसी एक का परिचय लिखिए।(4)
उत्तर: (प्रेमचंद का संक्षिप्त परिचय) मुंशी प्रेमचंद का जन्म 1880 में बनारस के लमही गाँव में हुआ। उनका मूल नाम धनपत राय था। वे हिंदी के सर्वश्रेष्ठ कहानीकार और उपन्यासकार माने जाते हैं। उनकी प्रमुख रचनाएँ- गोदान, गबन, कर्मभूमि, मानसरोवर (कहानी संग्रह) आदि हैं। इनकी भाषा सरल, मुहावरेदार और आम जनमानस से जुड़ी हुई है।
प्र.26
‘रीढ़ की हड्डी’ पाठ के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।(5)
उत्तर: ‘रीढ़ की हड्डी’ शीर्षक पूरी तरह से सार्थक और प्रतीकात्मक है। रीढ़ की हड्डी शरीर का मुख्य आधार होती है। इसी प्रकार व्यक्ति का स्वाभिमान और चारित्रिक दृढ़ता उसके व्यक्तित्व की रीढ़ होती है। एकांकी में शंकर का अपना कोई व्यक्तित्व नहीं है, वह दूसरों पर निर्भर है, इसलिए उसे ‘बिना रीढ़ का’ कहा गया है। यह एकांकी समाज की उस खोखली मानसिकता पर प्रहार करती है जो लड़कियों को केवल एक वस्तु मानती है।
📤 Doubt / Image Upload
Doubt / Image Upload
आपके पास पेपर है उसका सही उत्तर जानना है तो हमारे बेस्ट टीचर्स को पेपर की इमेज भेजो और आपके पास आंसर पीडीएफ में तुरंत भेजा जाएगा।
पेपर में कोई डाउट है? अपने प्रश्न या पेपर की फोटो (Image) अपलोड करें और सही जवाब पाएं।
Note – अगले पेपर की पीडीएफ के साथ असली पेपर का सॉल्यूशन का नोटिफिकेशन आपको मिलेगा तो आप हमारे व्हाट्सएप चलेंगे चैनल से जुड़ें, जिससे आपको सबसे पहले सॉल्यूशन प्राप्त हो। टेलीग्राम और व्हाट्सएप चैनल के लिंक नीचे दिए गए हैं।