Kaksha Satvin Vigyan Varshik Paper 2026 imp. कक्ष सातवीं विज्ञान वार्षिक पेपर 2026
राज्य शिक्षा केन्द्र म. प्र. भोपाल
वार्षिक मूल्यांकन सत्र – 2025-26
विषय – विज्ञान
समय : 2 ½ घंटे
कक्षा – 7
पूर्णांक : 60
बहुविकल्पीय प्रश्न (प्रश्न क्र. 1 से 5)
निर्देश – प्रश्न को पढ़कर नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर लिखिए –
प्र.1 शरीर के विभिन्न भागों में ऑक्सीजन कौन पहुंचाता है?
1
उत्तर: (C) हीमोग्लोबिन
(व्याख्या: हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है जो ऑक्सीजन से जुड़कर उसे पूरे शरीर में ले जाता है।)
(व्याख्या: हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है जो ऑक्सीजन से जुड़कर उसे पूरे शरीर में ले जाता है।)
प्र.2 कोई व्यक्ति उल्टी-दस्त से पीड़ित है तो चिकित्सक उसे क्या लेने की सलाह देंगे?
1
उत्तर: (C) ORS घोल
(व्याख्या: ORS घोल शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी (निर्जलीकरण) को तुरंत पूरा करता है।)
(व्याख्या: ORS घोल शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी (निर्जलीकरण) को तुरंत पूरा करता है।)
प्र.3 मनुष्य में प्रमुख उत्सर्जी अंग कौन सा है?
1
उत्तर: (C) वृक्क (Kidney)
(व्याख्या: वृक्क रक्त को छानकर अपशिष्ट पदार्थों को मूत्र के रूप में शरीर से बाहर निकालते हैं।)
(व्याख्या: वृक्क रक्त को छानकर अपशिष्ट पदार्थों को मूत्र के रूप में शरीर से बाहर निकालते हैं।)
प्र.4 दो स्टेशनों के बीच की दूरी 120 किलोमीटर है। कोई रेलगाड़ी इस दूरी को तय करने में 2 घंटे लेती है। तो रेलगाड़ी की चाल होगी-
1
उत्तर: (B) 60 किलोमीटर (प्रति घंटा)
(हल: चाल = दूरी ÷ समय = 120 ÷ 2 = 60 किमी/घंटा)
(हल: चाल = दूरी ÷ समय = 120 ÷ 2 = 60 किमी/घंटा)
प्र.5 जल प्रदूषण के कारण होने वाली बीमारी है-
1
उत्तर: (A) टाइफाइड
(व्याख्या: टाइफाइड दूषित जल और दूषित भोजन के सेवन से फैलने वाला रोग है।)
(व्याख्या: टाइफाइड दूषित जल और दूषित भोजन के सेवन से फैलने वाला रोग है।)
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (प्रश्न क्र. 6 से 10)
निर्देश – रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिये। प्रत्येक प्रश्न के लिये 1 अंक निर्धारित है।
प्रश्न-6 कीटों को पकड़कर अपना भोजन बनाने वाला पादप……………………………………………है।
1
उत्तर: घटपर्णी (पिचर पादप)
प्रश्न-7 घास में……………………………………………की प्रचुरता होती है।
1
उत्तर: सेल्यूलोज (Cellulose)
प्रश्न-8 किसी वस्तु की उष्णता की कोटि की माप……………………………………………कहलाती है।
1
उत्तर: ताप (Temperature)
प्रश्न-9 हीमोग्लोबिन……………………………………………कोशिकाओं में पाया जाता है।
1
उत्तर: लाल रक्त (RBC)
प्रश्न-10 समय का मूल मात्रक……………………………………………है।
1
उत्तर: सेकंड (Second)
अति लघुउत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 11-16)
निर्देश – प्रत्येक प्रश्न को हल कीजिए। प्रत्येक प्रश्न के लिये 2 अंक निर्धारित है।
प्र-11 कोशिका द्रव्य किसे कहते हैं?
2
उत्तर: कोशिका झिल्ली और केंद्रक के बीच उपस्थित जेली जैसे गाढ़े पदार्थ को कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) कहते हैं। इसी में कोशिका के अन्य अंगक पाए जाते हैं।
प्र-12 विटामिन ‘C’ के स्रोत कौन-कौन से हैं?
2
उत्तर: मुख्य रूप से खट्टे रसदार फल विटामिन ‘C’ के अच्छे स्रोत होते हैं। उदाहरण- आंवला, नींबू, संतरा, टमाटर, अमरूद आदि।
प्र-13 अम्ल किसे कहते हैं? उदाहरण सहित लिखिए।
2
उत्तर: वे पदार्थ जिनका स्वाद खट्टा होता है और जो नीले लिटमस पत्र को लाल कर देते हैं, अम्ल (Acid) कहलाते हैं।
उदाहरण: नींबू का रस, दही, सिरका, इमली।
उदाहरण: नींबू का रस, दही, सिरका, इमली।
प्र-14 परिसंचरण तंत्र किसे कहते हैं?
2
उत्तर: शरीर का वह तंत्र जो हृदय और रक्त वाहिनियों (धमनियों और शिराओं) से मिलकर बना होता है और जिसका कार्य शरीर के विभिन्न भागों तक रक्त, ऑक्सीजन और पोषक तत्वों को पहुँचाना होता है, उसे परिसंचरण तंत्र कहते हैं।
प्र-15 कायिक प्रवर्धन के दो लाभ लिखिए?
2
उत्तर:
1. कायिक प्रवर्धन द्वारा उगाए गए पौधे कम समय में विकसित हो जाते हैं और इनमें बीज वाले पौधों की तुलना में फूल तथा फल जल्दी आते हैं。
2. इस विधि से उत्पन्न नए पौधे पूर्ण रूप से अपने मातृ पौधे (Parent plant) के समान होते हैं।
1. कायिक प्रवर्धन द्वारा उगाए गए पौधे कम समय में विकसित हो जाते हैं और इनमें बीज वाले पौधों की तुलना में फूल तथा फल जल्दी आते हैं。
2. इस विधि से उत्पन्न नए पौधे पूर्ण रूप से अपने मातृ पौधे (Parent plant) के समान होते हैं।
प्र-16 अपघटक किसे कहते हैं?
2
उत्तर: वे सूक्ष्मजीव जो मृत पौधों और जंतुओं के शरीर को सड़ा-गला कर सरल पदार्थों या गहरे रंग के पदार्थ (ह्यूमस) में बदल देते हैं, अपघटक (Decomposers) कहलाते हैं। जैसे- जीवाणु और कवक।
लघुउत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 17-22)
निर्देश – प्रत्येक प्रश्न को हल कीजिए। प्रत्येक प्रश्न के लिये 3 अंक निर्धारित है।
प्र-17 ऊष्मा के स्थानांतरण से आप क्या समझते?
3
उत्तर: ऊष्मा का सदैव अधिक ताप वाली (गर्म) वस्तु से कम ताप वाली (ठंडी) वस्तु की ओर प्रवाहित होना ऊष्मा का स्थानांतरण कहलाता है। यह प्रवाह तब तक होता है जब तक दोनों वस्तुओं का तापमान समान न हो जाए। ऊष्मा स्थानांतरण की तीन मुख्य विधियाँ हैं: चालन, संवहन और विकिरण।
प्र-18 अम्ल वर्षा किसे कहते हैं?
3
उत्तर: कारखानों और वाहनों से निकलने वाली हानिकारक गैसें (जैसे सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड) वायुमंडल की नमी (जलवाष्प) के साथ मिलकर सल्फ्यूरिक अम्ल और नाइट्रिक अम्ल बना लेती हैं। जब ये अम्ल वर्षा जल के साथ पृथ्वी पर गिरते हैं, तो इसे ‘अम्ल वर्षा’ (Acid Rain) कहा जाता है। यह फसलों और इमारतों के लिए बहुत नुकसानदायक होती है।
प्र-19 स्वपरागण और पर परागण के बीच अंतर लिखिए।
3
उत्तर:
स्वपरागण (Self Pollination): जब किसी पुष्प के परागकोष से परागकण निकलकर उसी पुष्प के वर्तिकाग्र पर गिरते हैं, तो इसे स्वपरागण कहते हैं। इसमें किसी बाहरी माध्यम (हवा, कीट) की विशेष आवश्यकता नहीं होती。
पर परागण (Cross Pollination): जब एक पुष्प के परागकण उसी जाति के किसी दूसरे पौधे के पुष्प के वर्तिकाग्र पर पहुँचते हैं, तो इसे पर परागण कहते हैं। इसके लिए हवा, जल या कीटों की आवश्यकता होती है।
स्वपरागण (Self Pollination): जब किसी पुष्प के परागकोष से परागकण निकलकर उसी पुष्प के वर्तिकाग्र पर गिरते हैं, तो इसे स्वपरागण कहते हैं। इसमें किसी बाहरी माध्यम (हवा, कीट) की विशेष आवश्यकता नहीं होती。
पर परागण (Cross Pollination): जब एक पुष्प के परागकण उसी जाति के किसी दूसरे पौधे के पुष्प के वर्तिकाग्र पर पहुँचते हैं, तो इसे पर परागण कहते हैं। इसके लिए हवा, जल या कीटों की आवश्यकता होती है।
प्र-20 अंतरराष्ट्रीय मात्रक प्रणाली से क्या समझते हैं?
3
उत्तर: मापन की वह मानक (Standard) प्रणाली जिसे पूरे विश्व के वैज्ञानिकों द्वारा एक समान रूप से मान्यता दी गई है, उसे ‘अंतरराष्ट्रीय मात्रक प्रणाली’ (SI Units) कहते हैं। इसका उपयोग इसलिए किया जाता है ताकि विश्व भर में माप-तौल में एकरूपता बनी रहे। उदाहरण के लिए, लंबाई का SI मात्रक ‘मीटर’ और समय का ‘सेकंड’ है।
प्र-21 ऐसे 6 उत्पादों के नाम लिखिए जिन्हें हम वनों से प्राप्त करते हैं।
3
उत्तर: वनों (जंगलों) से प्राप्त होने वाले 6 प्रमुख उत्पाद इस प्रकार हैं:
1. इमारती लकड़ी और जलाऊ लकड़ी
2. गोंद (Gum) और राल
3. जड़ी-बूटियाँ (औषधियाँ)
4. शहद और मोम
5. बाँस (कागज बनाने के लिए)
6. रबर और कत्था
1. इमारती लकड़ी और जलाऊ लकड़ी
2. गोंद (Gum) और राल
3. जड़ी-बूटियाँ (औषधियाँ)
4. शहद और मोम
5. बाँस (कागज बनाने के लिए)
6. रबर और कत्था
प्र-22 आपंक क्या है? शुष्क आपंक का उपयोग कहाँ किया जाता है?
3
उत्तर: अपशिष्ट जल (गंदे पानी) के उपचार संयंत्र में, जब पानी को टंकी में रखा जाता है, तो उसमें मौजूद ठोस अपशिष्ट (जैसे मल, कीचड़ आदि) तली में बैठ जाते हैं। इसी तली में बैठे हुए अपशिष्ट को आपंक (Sludge) कहते हैं。
उपयोग: शुष्क (सूखे) आपंक का उपयोग खेतों में जैविक खाद के रूप में किया जाता है, जिससे मिट्टी उपजाऊ बनती है।
उपयोग: शुष्क (सूखे) आपंक का उपयोग खेतों में जैविक खाद के रूप में किया जाता है, जिससे मिट्टी उपजाऊ बनती है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 23-26)
निर्देश – प्रत्येक प्रश्न को हल कीजिए। प्रत्येक प्रश्न के लिये 5 अंक निर्धारित है।
प्र-23 फलों का पकना एक रासायनिक परिवर्तन का उदाहरण है। स्पष्ट कीजिए?
5
उत्तर: रासायनिक परिवर्तन वह परिवर्तन है जिसमें पदार्थ के आंतरिक गुण बदल जाते हैं और एक नया पदार्थ बनता है। फलों का पकना एक रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि:
1. पकने की प्रक्रिया के दौरान फल के अंदर के रसायनों में परिवर्तन होता है और नई शर्करा (Sugar) बनती है।
2. फल के पकने से उसका रंग, रूप, गंध और स्वाद पूरी तरह बदल जाता है (कच्चा फल खट्टा होता है, पकने पर मीठा हो जाता है)।
3. यह एक अनुत्क्रमणीय (Irreversible) परिवर्तन है, अर्थात् हम पके हुए फल को किसी भी विधि से वापस कच्चा नहीं बना सकते हैं।
1. पकने की प्रक्रिया के दौरान फल के अंदर के रसायनों में परिवर्तन होता है और नई शर्करा (Sugar) बनती है।
2. फल के पकने से उसका रंग, रूप, गंध और स्वाद पूरी तरह बदल जाता है (कच्चा फल खट्टा होता है, पकने पर मीठा हो जाता है)।
3. यह एक अनुत्क्रमणीय (Irreversible) परिवर्तन है, अर्थात् हम पके हुए फल को किसी भी विधि से वापस कच्चा नहीं बना सकते हैं।
प्र-24 वायवीय और अवायवीय श्वसन में पाँच अंतर लिखिए।
5
उत्तर:
| वायवीय श्वसन (Aerobic) | अवायवीय श्वसन (Anaerobic) |
|---|---|
| 1. यह श्वसन ऑक्सीजन (O2) की उपस्थिति में होता है। | 1. यह श्वसन ऑक्सीजन (O2) की अनुपस्थिति में होता है। |
| 2. इसमें ग्लूकोज (भोजन) का पूर्ण रूप से विखंडन होता है। | 2. इसमें ग्लूकोज का अपूर्ण विखंडन होता है। |
| 3. इसके अंत में कार्बन डाइऑक्साइड गैस और जल बनते हैं। | 3. इसके अंत में अल्कोहल (शराब) और कार्बन डाइऑक्साइड बनते हैं। |
| 4. इसमें ऊर्जा की बहुत अधिक मात्रा उत्पन्न होती है। | 4. इसमें ऊर्जा की बहुत कम मात्रा उत्पन्न होती है। |
| 5. यह मनुष्य सहित अधिकांश जंतुओं और पेड़-पौधों में होता है। | 5. यह यीस्ट जैसे सूक्ष्मजीवों और कभी-कभी हमारी पेशियों में होता है। |
प्र-25 क्या विद्युत चुंबक का उपयोग किसी कचरे के ढेर से प्लास्टिक को पृथक करने के लिए किया जा सकता है? स्पष्ट कीजिए।
5
उत्तर: नहीं, विद्युत चुंबक का उपयोग किसी कचरे के ढेर से प्लास्टिक को पृथक (अलग) करने के लिए नहीं किया जा सकता है।
कारण: चुंबक का यह गुण होता है कि वह केवल ‘चुंबकीय पदार्थों’ (जैसे लोहा, निकिल, कोबाल्ट आदि) को ही अपनी ओर आकर्षित करता है। प्लास्टिक एक अचुंबकीय (Non-magnetic) पदार्थ है। इसलिए, जब कचरे के ढेर पर विद्युत चुंबक का उपयोग किया जाएगा, तो प्लास्टिक उसकी ओर आकर्षित नहीं होगा और उसे अलग नहीं किया जा सकेगा।
कारण: चुंबक का यह गुण होता है कि वह केवल ‘चुंबकीय पदार्थों’ (जैसे लोहा, निकिल, कोबाल्ट आदि) को ही अपनी ओर आकर्षित करता है। प्लास्टिक एक अचुंबकीय (Non-magnetic) पदार्थ है। इसलिए, जब कचरे के ढेर पर विद्युत चुंबक का उपयोग किया जाएगा, तो प्लास्टिक उसकी ओर आकर्षित नहीं होगा और उसे अलग नहीं किया जा सकेगा।
प्र-26 (a) समतल दर्पण द्वारा बनने वाले प्रतिबिंब की प्रकृति बताइए।
(b) रोगी वाहनों पर AMBULANCE उल्टा क्यों लिखा जाता है?
(b) रोगी वाहनों पर AMBULANCE उल्टा क्यों लिखा जाता है?
5
उत्तर:
(a) समतल दर्पण द्वारा बने प्रतिबिंब की प्रकृति:
1. प्रतिबिंब हमेशा आभासी (Virtual) और सीधा (Erect) होता है।
2. प्रतिबिंब का आकार वस्तु के आकार के बिल्कुल बराबर होता है।
3. प्रतिबिंब दर्पण के उतना ही पीछे बनता है, जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के आगे रखी होती है।
4. यह प्रतिबिंब ‘पार्श्व परावर्तित’ (Laterally inverted) होता है (अर्थात् वस्तु का दायां भाग बायां और बायां भाग दायां दिखाई देता है)।
(b) रोगी वाहनों (Ambulance) पर अक्षर उल्टे क्यों लिखे जाते हैं:
रोगी वाहनों के आगे AMBULANCE शब्द उल्टे अक्षरों में इसलिए लिखा जाता है ताकि जब आगे चलने वाले वाहन का ड्राइवर अपने रियर-व्यू मिरर (पीछे देखने वाले दर्पण) में देखे, तो समतल दर्पण के ‘पार्श्व परावर्तन’ के कारण उसे वे अक्षर बिल्कुल सीधे “AMBULANCE” दिखाई दें। इससे वह तुरंत समझ जाता है कि पीछे एंबुलेंस है और उसे जल्दी से रास्ता दे देता है।
(a) समतल दर्पण द्वारा बने प्रतिबिंब की प्रकृति:
1. प्रतिबिंब हमेशा आभासी (Virtual) और सीधा (Erect) होता है।
2. प्रतिबिंब का आकार वस्तु के आकार के बिल्कुल बराबर होता है।
3. प्रतिबिंब दर्पण के उतना ही पीछे बनता है, जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के आगे रखी होती है।
4. यह प्रतिबिंब ‘पार्श्व परावर्तित’ (Laterally inverted) होता है (अर्थात् वस्तु का दायां भाग बायां और बायां भाग दायां दिखाई देता है)।
(b) रोगी वाहनों (Ambulance) पर अक्षर उल्टे क्यों लिखे जाते हैं:
रोगी वाहनों के आगे AMBULANCE शब्द उल्टे अक्षरों में इसलिए लिखा जाता है ताकि जब आगे चलने वाले वाहन का ड्राइवर अपने रियर-व्यू मिरर (पीछे देखने वाले दर्पण) में देखे, तो समतल दर्पण के ‘पार्श्व परावर्तन’ के कारण उसे वे अक्षर बिल्कुल सीधे “AMBULANCE” दिखाई दें। इससे वह तुरंत समझ जाता है कि पीछे एंबुलेंस है और उसे जल्दी से रास्ता दे देता है।