class 9th hindi varshik pariksha paper 2026 M. Paper Answer कक्षा 9वीं हिंदी वार्षिक परीक्षा पेपर 2026 उत्तर नीचे 6 मार्च के लिए एक प्रश्न पत्र दिया गया है इस पेपर का हल के साथ है जिससे answer भी आपको ज्ञात हो।
Roll No……………………..
911
911-26911A
कक्षा 9वीं वार्षिक परीक्षा 2025-26
[401]
HINDI
हिन्दी
हिन्दी
निर्देश –
- (1) इस प्रश्न पत्र में कुल 23 प्रश्न हैं। सभी प्रश्न करना अनिवार्य हैं।
- (2) प्रश्न क्रमांक 06 से 23 तक सभी प्रश्नों के आन्तरिक विकल्प दिए गए हैं। इन प्रश्नों में से प्रत्येक प्रश्न का एक ही उत्तर लिखिए।
- (3) प्रश्न क्रमांक 01 से 05 तक वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं, प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का है। कुल निर्धारित अंक 1×30=30
- (4) प्रश्न क्रमांक 6 से 17 तक प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है। (शब्द सीमा लगभग 30 शब्द)
- (5) प्रश्न क्रमांक 18 से 20 तक प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है। (शब्द सीमा लगभग 75 शब्द)
- (6) प्रश्न क्रमांक 21 से 23 तक प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का है। (शब्द सीमा लगभग 120 शब्द)
प्रश्न 1 सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1×6=6)
(i) ‘कामायनी’ किस युग की रचना है ?
(ii) ‘ग्राम श्री’ कविता के रचनाकार हैं-
(iii) काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्व कहलाते हैं –
(iv) तिब्बत में सबसे खतरे की जगहें हैं-
(v) ‘जो पहले कभी न हुआ हो’ के लिए एक शब्द है-
(vi) माटी वाली का शहर कौन सा था?
उत्तर:
(i) (ब) छायावाद
(ii) (अ) पंत
(iii) (स) अलंकार
(iv) (अ) डाँडे
(v) (ब) अभूतपूर्व
(vi) (ब) टिहरी
(i) (ब) छायावाद
(ii) (अ) पंत
(iii) (स) अलंकार
(iv) (अ) डाँडे
(v) (ब) अभूतपूर्व
(vi) (ब) टिहरी
प्रश्न 2 रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1×6=6)
(i) कृष्ण भक्त धारा के प्रमुख कवि हैं। (कबीरदास / सूरदास)
(ii) कोयल अपनी चमकीले गीत ऋतु में गा रही है। (वसंत / पावस)
(iii) रौद्र रस का स्थायी भाव है। (क्रोध / उत्साह)
(iv) महादेवी वर्मा को उनके काव्य संग्रह ‘यामा’ पर पुरस्कार मिला (पद्म श्री/ज्ञानपीठ)
(v) वे शब्दांश जो शब्द के अंत में जुड़ते हैं कहलाते हैं। (उपसर्ग / प्रत्यय)
(vi) ‘इस जल प्रलय में’ विधा की रचना है । (रिपोर्ताज / संस्मरण)
उत्तर:
(i) सूरदास
(ii) वसंत
(iii) क्रोध
(iv) ज्ञानपीठ
(v) प्रत्यय
(vi) रिपोर्ताज
(i) सूरदास
(ii) वसंत
(iii) क्रोध
(iv) ज्ञानपीठ
(v) प्रत्यय
(vi) रिपोर्ताज
प्रश्न 3 सही जोड़ी बनाकर लिखिए –
(1×6=6)
| स्तंभ (अ) | स्तंभ (ब) |
|---|---|
| (i) रसखान | (क) भयानक |
| (ii) दोहा के प्रथम चरण में मात्राएँ | (ख) भक्तिकाल |
| (iii) ‘सूर्य’ का तद्भव | (ग) तिर्यक |
| (iv) जाबिर हुसैन | (घ) सूरज |
| (v) विलोम शब्द | (ङ) तेरह |
| (vi) विभीषिका | (च) डायरी विधा |
सही जोड़ी:
(i) रसखान ➔ (ख) भक्तिकाल
(ii) दोहा के प्रथम चरण में मात्राएँ ➔ (ङ) तेरह
(iii) ‘सूर्य’ का तद्भव ➔ (घ) सूरज
(iv) जाबिर हुसैन ➔ (च) डायरी विधा
(v) विलोम शब्द ➔ (ग) तिर्यक
(vi) विभीषिका ➔ (क) भयानक
(i) रसखान ➔ (ख) भक्तिकाल
(ii) दोहा के प्रथम चरण में मात्राएँ ➔ (ङ) तेरह
(iii) ‘सूर्य’ का तद्भव ➔ (घ) सूरज
(iv) जाबिर हुसैन ➔ (च) डायरी विधा
(v) विलोम शब्द ➔ (ग) तिर्यक
(vi) विभीषिका ➔ (क) भयानक
प्रश्न 4 निम्नलिखित प्रश्नों के एक शब्द / वाक्य में उत्तर दीजिए –
(1×6=6)
(i) किस शासन की तुलना ‘तम के प्रभाव’ से की गई है?
(ii) प्रबंध काव्य के कितने भेद होते हैं?
(iii) ल्हासा की ओर पाठ में नमसे कौन था?
(iv) रचना के आधार पर वाक्य के कितने भेद होते हैं?
(v) रीढ़ की हड्डी एकांकी में उमा के पिता का नाम क्या है?
(vi) संधि कितने प्रकार की होती है?
उत्तर:
(i) ब्रिटिश शासन
(ii) तीन (महाकाव्य, खंडकाव्य, आख्यानक गीतियाँ)
(iii) एक बौद्ध भिक्षु
(iv) तीन (सरल, संयुक्त, मिश्र)
(v) रामस्वरूप
(vi) तीन (स्वर, व्यंजन, विसर्ग)
(i) ब्रिटिश शासन
(ii) तीन (महाकाव्य, खंडकाव्य, आख्यानक गीतियाँ)
(iii) एक बौद्ध भिक्षु
(iv) तीन (सरल, संयुक्त, मिश्र)
(v) रामस्वरूप
(vi) तीन (स्वर, व्यंजन, विसर्ग)
प्रश्न 5 सत्य / असत्य का चयन करके लिखिए –
(1×6=6)
(i) जायसी सूफी काव्यधारा के कवि हैं। [ ……….. ]
(ii) शांत रस का स्थायी भाव निर्वेद है। [ ……….. ]
(iii) झूरी के बैलों के नाम हीरा और मोती थे। [ ……….. ]
(iv) ‘उपकार’ का विलोम ‘अपकार’ होता है। [ ……….. ]
(v) उमा ने एम.ए. तक शिक्षा प्राप्त की थी। [ ……….. ]
(vi) लेखक रेणु जी ने बाढ़ का प्रत्यक्ष अनुभव नहीं किया था। [ ……….. ]
उत्तर:
(i) सत्य
(ii) सत्य
(iii) सत्य
(iv) सत्य
(v) असत्य
(vi) असत्य
(i) सत्य
(ii) सत्य
(iii) सत्य
(iv) सत्य
(v) असत्य
(vi) असत्य
(प्रश्न क्रमांक 6 से 23 तक प्रश्नों के उत्तर)
प्रश्न 6 सुमित्रानंदन पंत ने गाँव को ‘मरकत डिब्बे सा खुला’ क्यों कहा है?
(2)
उत्तर: गाँव में चारों ओर फैली हरियाली और फसलों की चमक पन्ने (मरकत मणि) के समान हरी और उज्ज्वल है। इसी सुंदरता और खुलेपन के कारण कवि ने गाँव को ‘मरकत डिब्बे सा खुला’ कहा है।
अथवा
मानसरोवर से कवि का क्या आशय है ?
उत्तर: मानसरोवर से कवि कबीरदास का आशय मन रूपी पवित्र सरोवर से है, जिसमें मनुष्य का स्वच्छ विचार रूपी जल भरा है।
प्रश्न 7 वीरगाथा काल (आदिकाल) की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
(2)
उत्तर: (1) युद्धों का सजीव एवं आँखों देखा वर्णन। (2) वीर रस के साथ-साथ शृंगार रस की प्रधानता।
अथवा
भक्तिकाल को ‘स्वर्ण युग’ क्यों कहा जाता है?
उत्तर: इस काल में कबीर, तुलसी, सूरदास जैसे महान कवियों ने उच्च कोटि के साहित्य की रचना की, जिसमें लोक-कल्याण, समन्वय और भक्ति की प्रधानता थी। इसलिए इसे हिंदी साहित्य का ‘स्वर्ण युग’ कहा जाता है।
प्रश्न 8 छायावाद के दो कवियों के नाम एवं उनकी एक-एक रचना लिखिए।
(2)
उत्तर: 1. जयशंकर प्रसाद (रचना – कामायनी), 2. महादेवी वर्मा (रचना – यामा)।
अथवा
प्रयोगवाद की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: 1. नवीन उपमानों और प्रतीकों का प्रयोग। 2. अति यथार्थवाद और बौद्धिकता की प्रधानता।
प्रश्न 9 उत्प्रेक्षा अलंकार की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
(2)
उत्तर: जहाँ उपमेय में उपमान की संभावना या कल्पना की जाए, वहाँ उत्प्रेक्षा अलंकार होता है। इसमें ‘मानो’, ‘मनहुँ’, ‘जानो’, ‘जनु’ शब्दों का प्रयोग होता है।
उदाहरण: “सिर फट गया उसका वहीं, मानो अरुण रंग का घड़ा।”
उदाहरण: “सिर फट गया उसका वहीं, मानो अरुण रंग का घड़ा।”
अथवा
महाकाव्य और खंडकाव्य में कोई दो अंतर लिखिए।
उत्तर: 1. महाकाव्य में नायक के सम्पूर्ण जीवन का विस्तृत चित्रण होता है, जबकि खंडकाव्य में जीवन के किसी एक अंश या घटना का वर्णन होता है। 2. महाकाव्य का आकार बड़ा होता है (जैसे- रामचरितमानस), जबकि खंडकाव्य का आकार छोटा होता है (जैसे- पंचवटी)।
प्रश्न 10 उपमा अलंकार की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
(2)
उत्तर: जहाँ एक वस्तु या प्राणी की तुलना अत्यंत सादृश्य के कारण किसी अन्य प्रसिद्ध वस्तु या प्राणी से की जाती है, वहाँ उपमा अलंकार होता है।
उदाहरण: “पीपर पात सरिस मन डोला।”
उदाहरण: “पीपर पात सरिस मन डोला।”
अथवा
अनुप्रास अलंकार की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर: जहाँ किसी काव्य में एक ही वर्ण (अक्षर) की आवृत्ति एक से अधिक बार होती है, वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है।
उदाहरण: “तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए।”
उदाहरण: “तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए।”
प्रश्न 11 छंद किसे कहते हैं? इसके भेदों के नाम लिखिए।
(2)
उत्तर: वर्णों या मात्राओं की निश्चित संख्या, क्रम, यति, गति और तुक से नियोजित पद्य रचना को ‘छंद’ कहते हैं। इसके मुख्य दो भेद हैं: वाणिक छंद और मात्रिक छंद।
अथवा
रस के अंगों के नाम लिखिए?
उत्तर: रस के चार मुख्य अंग होते हैं: 1. स्थायी भाव 2. विभाव 3. अनुभाव 4. संचारी (व्यभिचारी) भाव।
प्रश्न 12 गया ने हीरा-मोती को दोनों बार सूखा भूसा क्यों दिया?
(2)
उत्तर: गया हीरा-मोती के विद्रोही व्यवहार से क्रोधित था क्योंकि वे उसके यहाँ से भाग गए थे। साथ ही, वह पराये बैलों पर अपना पैसा (खली-चूनी) खर्च नहीं करना चाहता था, इसलिए उसने उन्हें सूखा भूसा दिया।
अथवा
सलीम अली पक्षी प्रेमी कैसे बने?
उत्तर: बचपन में सलीम अली की एयरगन से एक नीले कंठ वाली गौरैया घायल होकर गिर पड़ी थी। उस गौरैया की दयनीय दशा को देखकर उनके मन में पक्षियों के प्रति दया और जिज्ञासा जागी, जिसने उन्हें पक्षी प्रेमी बना दिया।
प्रश्न 13 कहानी और उपन्यास में कोई दो अंतर लिखिए ?
(2)
उत्तर: 1. कहानी जीवन के किसी एक अंश या घटना पर आधारित होती है, जबकि उपन्यास में सम्पूर्ण जीवन का व्यापक चित्रण होता है। 2. कहानी में पात्रों की संख्या कम होती है, जबकि उपन्यास में पात्रों की संख्या अधिक होती है।
अथवा
निपात शब्द किसे कहते हैं उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर: जो अव्यय शब्द किसी शब्द या पद के बाद लगकर उसके अर्थ में विशेष बल या जोर देते हैं, उन्हें निपात कहते हैं। उदाहरण: ही, भी, तो, तक।
जैसे- “राम ने ही मुझे मारा है।”
जैसे- “राम ने ही मुझे मारा है।”
प्रश्न 14 हरिशंकर परसाई अथवा प्रेमचंद की दो रचनाएँ लिखते हुए भाषा-शैली लिखिए।
(2)
उत्तर: (प्रेमचंद) रचनाएँ: गोदान, गबन।
भाषा-शैली: प्रेमचंद जी की भाषा सहज, सरल, मुहावरेदार और आम जनमानस की भाषा (खड़ी बोली) है। इनकी शैली यथार्थवादी, व्यंग्यात्मक और वर्णनात्मक है।
भाषा-शैली: प्रेमचंद जी की भाषा सहज, सरल, मुहावरेदार और आम जनमानस की भाषा (खड़ी बोली) है। इनकी शैली यथार्थवादी, व्यंग्यात्मक और वर्णनात्मक है।
प्रश्न 15 संस्मरण और रेखाचित्र में कोई दो अंतर लिखिए ?
(2)
उत्तर: 1. संस्मरण स्मृति (याद) के आधार पर लिखा जाता है, जबकि रेखाचित्र शब्दों के माध्यम से किसी व्यक्ति या वस्तु का चित्रात्मक वर्णन है। 2. संस्मरण में लेखक का व्यक्तिगत अनुभव मुख्य होता है, जबकि रेखाचित्र पूर्णतः वस्तुनिष्ठ हो सकता है।
अथवा
मुहावरे एवम लोकोक्तियों में अंतर लिखिए।
उत्तर: 1. मुहावरा एक वाक्यांश होता है जो वाक्य का अंग बन जाता है, जबकि लोकोक्ति अपने आप में एक पूर्ण वाक्य होती है। 2. मुहावरे का प्रयोग भाषा को चमत्कारिक बनाने के लिए होता है, जबकि लोकोक्ति का प्रयोग किसी कथन की पुष्टि या दृष्टांत के लिए होता है।
प्रश्न 16 निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ एवं वाक्य में प्रयोग कीजिए –
(i) गदगद होना।
(ii) ईंट का जवाब पत्थर से देना। (2)
(i) गदगद होना।
(ii) ईंट का जवाब पत्थर से देना। (2)
उत्तर:
(i) गदगद होना (बहुत प्रसन्न होना) – बेटे के परीक्षा में प्रथम आने पर पिता का हृदय गदगद हो गया।
(ii) ईंट का जवाब पत्थर से देना (कड़ा प्रतिकार करना) – भारतीय सेना ने सीमा पर दुश्मनों को ईंट का जवाब पत्थर से दिया।
(i) गदगद होना (बहुत प्रसन्न होना) – बेटे के परीक्षा में प्रथम आने पर पिता का हृदय गदगद हो गया।
(ii) ईंट का जवाब पत्थर से देना (कड़ा प्रतिकार करना) – भारतीय सेना ने सीमा पर दुश्मनों को ईंट का जवाब पत्थर से दिया।
अथवा
सलीम अली पक्षी प्रेमी कैसे बने ? लिखिए। (पुनरावृत्ति प्रश्न)
उत्तर: (प्रश्न 12 के अथवा का उत्तर देखें)
प्रश्न 17 सन्धि व समास में अंतर लिखिए।
(2)
उत्तर: 1. सन्धि दो वर्णों (अक्षरों) के मेल से होती है, जबकि समास दो या दो से अधिक शब्दों (पदों) का मेल है। 2. सन्धि को तोड़ने को ‘सन्धि-विच्छेद’ कहते हैं, जबकि समास को अलग करने को ‘समास-विग्रह’ कहते हैं।
अथवा
मृत्यु का तरल दूत किसे कहा गया है और क्यों?
उत्तर: बाढ़ के गेरुए रंग के तेज गति से बहते हुए पानी को ‘मृत्यु का तरल दूत’ कहा गया है, क्योंकि यह पानी अपने साथ विनाश, तबाही और लोगों के लिए मौत का खतरा लेकर आ रहा था।
प्रश्न 18 निम्नलिखित काव्यांश का संदर्भ – प्रसंग सहित भावार्थ लिखिए –
(3)
प्रेमी ढूँढत मैं फिरौं, प्रेमी मिला न कोई।
प्रेमी को प्रेमी मिले, तब विष अमृत होई ?
प्रेमी को प्रेमी मिले, तब विष अमृत होई ?
उत्तर:
संदर्भ: यह साखी कबीरदास जी द्वारा रचित है।
प्रसंग: इसमें ईश्वर के सच्चे भक्त (प्रेमी) की खोज और सत्संगति के प्रभाव का वर्णन है।
भावार्थ: कबीर कहते हैं कि मैं इस संसार में ईश्वर के सच्चे प्रेमी (भक्त) को खोजता फिर रहा हूँ, लेकिन मुझे कोई सच्चा भक्त नहीं मिला। जब एक सच्चे भक्त को दूसरा सच्चा ईश्वर भक्त मिल जाता है, तो संसार की सारी बुराइयाँ और कष्ट (विष) अच्छाइयों और सुख (अमृत) में बदल जाते हैं।
संदर्भ: यह साखी कबीरदास जी द्वारा रचित है।
प्रसंग: इसमें ईश्वर के सच्चे भक्त (प्रेमी) की खोज और सत्संगति के प्रभाव का वर्णन है।
भावार्थ: कबीर कहते हैं कि मैं इस संसार में ईश्वर के सच्चे प्रेमी (भक्त) को खोजता फिर रहा हूँ, लेकिन मुझे कोई सच्चा भक्त नहीं मिला। जब एक सच्चे भक्त को दूसरा सच्चा ईश्वर भक्त मिल जाता है, तो संसार की सारी बुराइयाँ और कष्ट (विष) अच्छाइयों और सुख (अमृत) में बदल जाते हैं।
अथवा
क्षितिज अटारी गहराई दामिनी दम की,
क्षमा करो गांव खुल गई अब भरम की,
बांध टूटा झर-झर मिलन के अश्रु ढरके
मेघ आए बड़े बन ठन के संवर के।
क्षमा करो गांव खुल गई अब भरम की,
बांध टूटा झर-झर मिलन के अश्रु ढरके
मेघ आए बड़े बन ठन के संवर के।
उत्तर:
संदर्भ: यह काव्यांश सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता ‘मेघ आए’ से लिया गया है।
भावार्थ: क्षितिज रूपी अटारी पर बादल रूपी मेहमान आ गए हैं और बिजली चमकने लगी है। नायिका (प्रकृति) कहती है कि मेरे मन का यह भ्रम दूर हो गया कि तुम नहीं आओगे, अब मुझे क्षमा कर दो। उनके मिलन की खुशी में बारिश रूपी आँसू झर-झर बहने लगे। बादल दामाद की तरह बड़े सज-धज कर आए हैं।
संदर्भ: यह काव्यांश सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता ‘मेघ आए’ से लिया गया है।
भावार्थ: क्षितिज रूपी अटारी पर बादल रूपी मेहमान आ गए हैं और बिजली चमकने लगी है। नायिका (प्रकृति) कहती है कि मेरे मन का यह भ्रम दूर हो गया कि तुम नहीं आओगे, अब मुझे क्षमा कर दो। उनके मिलन की खुशी में बारिश रूपी आँसू झर-झर बहने लगे। बादल दामाद की तरह बड़े सज-धज कर आए हैं।
प्रश्न 19 निम्नलिखित गद्यांश की संदर्भ – प्रसंग सहित व्याख्या लिखिए –
(3)
विलासिता की सामग्रियों से बाजार भरा पड़ा है,जो आपको लुभाने की जी-तोड़ कोशिश में निरंतर लगी रहती है। दैनिक जीवन में काम आने वाली वस्तुओं को ही लीजिए। टूथ पेस्ट चाहिए ? यह दांतों को मोती जैसे चमकीला बनाता है,यह मुख की दुर्गंध हटाता है।यह मसूड़े को मजबूत करता है और यह पूर्ण सुरक्षा देता है ।
उत्तर:
संदर्भ: यह गद्यांश श्यामाचरण दुबे द्वारा रचित ‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ पाठ से लिया गया है।
व्याख्या: लेखक कहते हैं कि आज का बाजार सुख-सुविधाओं और विलासिता की चीजों से भरा है। कंपनियाँ विज्ञापनों के जरिए हमें लुभाने की पूरी कोशिश करती हैं। उदाहरण के लिए ‘टूथपेस्ट’ के विज्ञापन हमें बताते हैं कि यह दाँतों को मोती सा चमकाएगा और सुरक्षा देगा। ये सब लुभावने दावे उपभोक्ता को फंसाने और उत्पाद बेचने के लिए किए जाते हैं।
संदर्भ: यह गद्यांश श्यामाचरण दुबे द्वारा रचित ‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ पाठ से लिया गया है।
व्याख्या: लेखक कहते हैं कि आज का बाजार सुख-सुविधाओं और विलासिता की चीजों से भरा है। कंपनियाँ विज्ञापनों के जरिए हमें लुभाने की पूरी कोशिश करती हैं। उदाहरण के लिए ‘टूथपेस्ट’ के विज्ञापन हमें बताते हैं कि यह दाँतों को मोती सा चमकाएगा और सुरक्षा देगा। ये सब लुभावने दावे उपभोक्ता को फंसाने और उत्पाद बेचने के लिए किए जाते हैं।
अथवा
मेरी दृष्टि इस जूते पर अटक गई है। सोचता हूं फोटो खिंचवाने की अगर यह पोशाक है, तो पहनने की कैसी होगी? नहीं, इस आदमी की अलग-अलग पोशाकें नहीं होंगी-इसमें पोशाक बदलने का गुण नहीं है। यह जैसा है वैसा ही फोटो में खींचा जाता है।
उत्तर:
संदर्भ: यह गद्यांश हरिशंकर परसाई द्वारा रचित ‘प्रेमचंद के फटे जूते’ से लिया गया है।
व्याख्या: लेखक प्रेमचंद की फोटो देखकर सोचते हैं कि अगर कोई व्यक्ति फोटो खिंचवाते समय फटे जूते पहन सकता है, तो उसकी रोजमर्रा की जिंदगी कितनी सादगी भरी होगी। फिर उन्हें अहसास होता है कि प्रेमचंद दिखावे वाले व्यक्ति नहीं थे; वे अंदर और बाहर से एक समान थे, उनमें बनावटीपन बिल्कुल नहीं था।
संदर्भ: यह गद्यांश हरिशंकर परसाई द्वारा रचित ‘प्रेमचंद के फटे जूते’ से लिया गया है।
व्याख्या: लेखक प्रेमचंद की फोटो देखकर सोचते हैं कि अगर कोई व्यक्ति फोटो खिंचवाते समय फटे जूते पहन सकता है, तो उसकी रोजमर्रा की जिंदगी कितनी सादगी भरी होगी। फिर उन्हें अहसास होता है कि प्रेमचंद दिखावे वाले व्यक्ति नहीं थे; वे अंदर और बाहर से एक समान थे, उनमें बनावटीपन बिल्कुल नहीं था।
प्रश्न 20 ‘यातायात के नियमों ‘ पर एक अनुच्छेद लिखिए।
(3)
उत्तर: यातायात के नियम: जीवन की सुरक्षा के लिए यातायात के नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है। हमें सड़क पर हमेशा बायीं ओर चलना चाहिए। चौराहे पर लाल बत्ती होने पर रुकना और हरी बत्ती होने पर ही आगे बढ़ना चाहिए। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और कार में सीट बेल्ट का प्रयोग करना चाहिए। सड़क पार करने के लिए जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करना चाहिए। इन नियमों का पालन करके हम दुर्घटनाओं से बच सकते हैं।
अथवा
कक्षा में अपनी प्रिय मित्र से पढ़ाई से संबंधित संवाद लिखिए।
उत्तर:
रीना: नमस्ते मीना! कैसी चल रही है तुम्हारी परीक्षा की तैयारी?
मीना: नमस्ते रीना। तैयारी तो ठीक है, लेकिन गणित में थोड़ी परेशानी हो रही है।
रीना: चिंता मत करो, मैं तुम्हारी मदद कर दूँगी। बाकी विषय कैसे हैं?
मीना: बाकी सब अच्छे से हो गया है। विज्ञान का रिविज़न चल रहा है।
रीना: चलो, कल शाम को साथ मिलकर गणित पढ़ते हैं।
मीना: यह बहुत अच्छा रहेगा। धन्यवाद!
रीना: नमस्ते मीना! कैसी चल रही है तुम्हारी परीक्षा की तैयारी?
मीना: नमस्ते रीना। तैयारी तो ठीक है, लेकिन गणित में थोड़ी परेशानी हो रही है।
रीना: चिंता मत करो, मैं तुम्हारी मदद कर दूँगी। बाकी विषय कैसे हैं?
मीना: बाकी सब अच्छे से हो गया है। विज्ञान का रिविज़न चल रहा है।
रीना: चलो, कल शाम को साथ मिलकर गणित पढ़ते हैं।
मीना: यह बहुत अच्छा रहेगा। धन्यवाद!
प्रश्न 21 निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखिए –
(4)
विद्या अमूल्य, अनश्वर तथा सर्वोच्च धन है। अन्य सभी प्रकार के धन कभी न कभी नष्ट हो जाते भी है। परन्तु विद्या धन कभी नष्ट नहीं होता। रावण स्वर्णमयी लंका को नष्ट होने से न बचा सका। उसका बल तथा धन भी नष्ट हो गया। युद्ध में पराजित हुआ। परन्तु श्रीराम भी उसका विद्या ज्ञान नहीं छीन पाए। युद्ध में मरणासन्न पड़े रावण से लक्ष्मण ने विद्या धन प्राप्त किया था। अतः विद्या धन ही वह एक मात्र पूँजी है जो हमेशा हमारे साथ रहती है।
प्रश्न – (i) रावण के पास सबसे अमूल्य धन क्या था।
(ii) उपर्युक्त अनुच्छेद का सारांश लिखिए।
(iii) उपर्युक्त अनुच्छेद का शीर्षक लिखिए।
उत्तर:
(i) रावण के पास सबसे अमूल्य धन उसका ‘विद्या ज्ञान’ था।
(ii) सारांश: विद्या एक अमर और सर्वोच्च धन है। भौतिक धन-संपत्ति नष्ट हो जाती है (जैसे रावण की लंका और बल), लेकिन विद्या ज्ञान कभी नष्ट नहीं होता और इसे कोई छीन नहीं सकता। यह सदैव मनुष्य के पास रहता है।
(iii) शीर्षक: विद्या धन का महत्त्व (या विद्या: सर्वश्रेष्ठ धन)
(i) रावण के पास सबसे अमूल्य धन उसका ‘विद्या ज्ञान’ था।
(ii) सारांश: विद्या एक अमर और सर्वोच्च धन है। भौतिक धन-संपत्ति नष्ट हो जाती है (जैसे रावण की लंका और बल), लेकिन विद्या ज्ञान कभी नष्ट नहीं होता और इसे कोई छीन नहीं सकता। यह सदैव मनुष्य के पास रहता है।
(iii) शीर्षक: विद्या धन का महत्त्व (या विद्या: सर्वश्रेष्ठ धन)
अथवा
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखिए –
गगन गगन तेरा यश फहराए
पवन पवन तेरा बल गहराए
पवन पवन तेरा बल गहराए
प्रश्न – (i) उपर्युक्त काव्यांश का शीर्षक लिखिए।
(ii) आप अपने देश को प्यार क्यों करते है ?
(iii) उक्त काव्यांश का भावार्थ लिखिए।
उत्तर:
(i) शीर्षक: देश प्रेम / मातृभूमि की वंदना
(ii) क्योंकि यह हमारी जन्मभूमि है, जिसने हमें अन्न, जल और आश्रय देकर पाला-पोसा है।
(iii) भावार्थ: कवि अपने देश की महिमा का गान करते हुए कहता है कि हे मातृभूमि! पूरे आकाश में तुम्हारी कीर्ति का झंडा फहरा रहा है और हवाओं में तुम्हारी शक्ति और गहराई का अहसास है।
(i) शीर्षक: देश प्रेम / मातृभूमि की वंदना
(ii) क्योंकि यह हमारी जन्मभूमि है, जिसने हमें अन्न, जल और आश्रय देकर पाला-पोसा है।
(iii) भावार्थ: कवि अपने देश की महिमा का गान करते हुए कहता है कि हे मातृभूमि! पूरे आकाश में तुम्हारी कीर्ति का झंडा फहरा रहा है और हवाओं में तुम्हारी शक्ति और गहराई का अहसास है।
प्रश्न 22 स्थानांतरण प्रमाण पत्र (TC) हेतु प्राचार्य को आवेदन पत्र लिखिए ।
(4)
उत्तर: (प्रारूप)
सेवा में,
श्रीमान प्राचार्य महोदय,
शासकीय उ. मा. विद्यालय, (शहर का नाम)
विषय: स्थानांतरण प्रमाण पत्र (T.C.) प्राप्त करने हेतु आवेदन।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा 9वीं का नियमित छात्र हूँ। मेरे पिताजी का स्थानांतरण यहाँ से भोपाल हो गया है। इस कारण मैं आगे की पढ़ाई यहाँ जारी नहीं रख सकता।
अतः आपसे निवेदन है कि मुझे मेरा स्थानांतरण प्रमाण पत्र (T.C.) शीघ्र प्रदान करने की कृपा करें।
धन्यवाद!
आपका आज्ञाकारी शिष्य,
नाम: (अ. ब. स.)
सेवा में,
श्रीमान प्राचार्य महोदय,
शासकीय उ. मा. विद्यालय, (शहर का नाम)
विषय: स्थानांतरण प्रमाण पत्र (T.C.) प्राप्त करने हेतु आवेदन।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा 9वीं का नियमित छात्र हूँ। मेरे पिताजी का स्थानांतरण यहाँ से भोपाल हो गया है। इस कारण मैं आगे की पढ़ाई यहाँ जारी नहीं रख सकता।
अतः आपसे निवेदन है कि मुझे मेरा स्थानांतरण प्रमाण पत्र (T.C.) शीघ्र प्रदान करने की कृपा करें।
धन्यवाद!
आपका आज्ञाकारी शिष्य,
नाम: (अ. ब. स.)
अथवा
जन्मदिन पर मित्र को बधाई पत्र लिखिए?
उत्तर: (प्रारूप)
स्थान: (शहर का नाम)
दिनांक: __/__/2026
प्रिय मित्र,
सप्रेम नमस्ते।
मुझे यह जानकर बहुत खुशी हुई कि तुम्हारा जन्मदिन आ रहा है। मेरी ओर से तुम्हें जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएँ। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि तुम हमेशा खुश रहो और जीवन में खूब तरक्की करो। इस बार मैं किसी कारणवश तुम्हारी पार्टी में नहीं आ पा रहा हूँ, लेकिन मेरा प्यार हमेशा तुम्हारे साथ है।
तुम्हारा मित्र,
नाम: (अ. ब. स.)
स्थान: (शहर का नाम)
दिनांक: __/__/2026
प्रिय मित्र,
सप्रेम नमस्ते।
मुझे यह जानकर बहुत खुशी हुई कि तुम्हारा जन्मदिन आ रहा है। मेरी ओर से तुम्हें जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएँ। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि तुम हमेशा खुश रहो और जीवन में खूब तरक्की करो। इस बार मैं किसी कारणवश तुम्हारी पार्टी में नहीं आ पा रहा हूँ, लेकिन मेरा प्यार हमेशा तुम्हारे साथ है।
तुम्हारा मित्र,
नाम: (अ. ब. स.)
प्रश्न 23 निम्नलिखित किसी एक विषय पर रूपरेखा सहित निबंध लिखिए।
(4)
उत्तर (संकेत बिंदु – विज्ञान: वरदान या अभिशाप):
रूपरेखा:
1. प्रस्तावना
2. विज्ञान के चमत्कार (चिकित्सा, यातायात, संचार आदि के क्षेत्र में)
3. विज्ञान वरदान के रूप में
4. विज्ञान अभिशाप के रूप में (विनाशकारी हथियार, प्रदूषण)
5. उपसंहार
(छात्र इन्ही बिंदुओं के आधार पर 100-120 शब्दों में निबंध का विस्तार करें।)
रूपरेखा:
1. प्रस्तावना
2. विज्ञान के चमत्कार (चिकित्सा, यातायात, संचार आदि के क्षेत्र में)
3. विज्ञान वरदान के रूप में
4. विज्ञान अभिशाप के रूप में (विनाशकारी हथियार, प्रदूषण)
5. उपसंहार
(छात्र इन्ही बिंदुओं के आधार पर 100-120 शब्दों में निबंध का विस्तार करें।)
Disclaimer – ऊपर दिया गया प्रश्न को महत्वपूर्ण प्रश्न और जो अक्सर परीक्षा में पूछे जाते है वह बताए गए है। इस पेपर को रियल पेपर न समझे लेकिन रियल पेपर का सही उत्तर के साथ पेपर इसी website पर answer के साथ अपलोड किया जाएगा। इस लिए प्रत्येक update और अपलोड होने पर आपको notification आए तो नीचे दिए गए WhatsApp और telegram चैनल को ज्वाइन करें।
2 thoughts on “class 9th hindi varshik pariksha paper 2026 Answer M. Paper”