mp board 8th hindi varshik paper 2026
2026HND108467
राज्य शिक्षा केन्द्र म.प्र. भोपाल
वार्षिक परीक्षा सत्र 2025-26
विषय-हिंदी (प्रथम भाषा)
बहुविकल्पीय प्रश्न (प्रश्न 1-5)
निर्देश- सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक निर्धारित है।
प्रश्न-1 भारतीय इतिहास का स्वर्ण काल किसे कहा जाता था ?
[1]
प्रश्न-2 ‘अपराजिता’ पाठ किस विधा में लिखा गया है ?
[1]
प्रश्न-3 मुफ़्त की चीजों का मजा किस भाव के लोग ले पाते हैं ?
[1]
प्रश्न-4 ‘सूर सागर’ ग्रंथ के लेखक कौन हैं ?
[1]
प्रश्न-5 वन-वापी में कौन-सा अलंकार है ?
[1]
रिक्त स्थान (प्रश्न 6-10)
निर्देश- नीचे दिए गए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक निर्धारित है।
प्रश्न-6 चौसठ योगिनी मंदिर भेड़ाघाट (जबलपुर) में स्थित है।
[1]
प्रश्न-7 ‘वर दे !’ कविता में कवि अज्ञान के बंधन को काटने की बात कह रहा है।
[1]
प्रश्न-8 ‘आत्मविश्वास’ पाठ निबंध विधा का है।
[1]
प्रश्न-9 बिरसा मुंडा के उपदेशों के कारण ओझा लोगों का काम चौपट हो रहा था।
[1]
प्रश्न-10 ‘उत्कृष्ट’ शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग उत् है।
[1]
अति लघु उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 11-16)
निर्देश- नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर एक शब्द/वाक्य में लिखिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 2 अंक निर्धारित हैं।
प्रश्न-11 आदि मानव का पत्थर बन चुका ‘कपाल’ मध्यप्रदेश के किस जिले से प्राप्त हुआ है ? [2]
उत्तर: आदि मानव का पत्थर बन चुका ‘कपाल’ मध्यप्रदेश के ‘सीहोर’ जिले (हथनौरा नामक स्थान) से प्राप्त हुआ है।
प्रश्न-12 आहार कितने प्रकार के होते हैं ? उनके नाम लिखिए। [2]
उत्तर: आहार मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं: 1. सात्विक आहार, 2. राजसिक आहार, 3. तामसिक आहार।
प्रश्न-13 ‘पथ में काँटे तो होंगे ही’ इस पंक्ति में काँटे शब्द का अर्थ स्पष्ट कीजिए। [2]
उत्तर: इस पंक्ति में ‘काँटे’ शब्द का अर्थ जीवन के मार्ग में आने वाली ‘बाधाओं’, ‘कठिनाइयों’ और ‘संघर्ष’ से है।
प्रश्न-14 सूर के मन को सुख कहाँ प्राप्त होता है ? [2]
उत्तर: महाकवि सूरदास के मन को भगवान श्रीकृष्ण के चरणों की भक्ति और उनकी शरण में ही सच्चा सुख प्राप्त होता है।
प्रश्न-15 भेड़ाघाट किस जिले में है ? [2]
उत्तर: भेड़ाघाट मध्यप्रदेश के ‘जबलपुर’ जिले में स्थित है।
प्रश्न-16 ‘स्वातंत्रता’ शब्द की सही वर्तनी लिखिए? [2]
उत्तर: स्वतंत्रता
लघु उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 17-22)
निर्देश- नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर 30-40 शब्दों में लिखिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 3 अंक निर्धारित हैं।
प्रश्न-17 राम बाली के सामने आकर क्यों नहीं लड़े ? [3]
उत्तर: बाली को यह वरदान प्राप्त था कि जो भी शत्रु उसके सामने आकर युद्ध करेगा, उसकी आधी शक्ति बाली में समा जाएगी। इसी कारण से भगवान श्रीराम बाली के सामने आकर नहीं लड़े, बल्कि उन्होंने छिपकर पेड़ की आड़ से बाली को बाण मारा था।
प्रश्न-18 निम्नलिखित पंक्तियों का भावार्थ लिखिए- [3]
‘बल बिबेक दम परहित घोरे। छमा कृपा समता रजु जोरे ।।’
उत्तर: भावार्थ: तुलसीदास जी इन पंक्तियों में धर्म रूपी रथ का वर्णन करते हुए कहते हैं कि इस रथ के चार घोड़े हैं- बल, विवेक (बुद्धि), दम (इन्द्रियों पर नियंत्रण) और परोपकार। और ये चारों घोड़े क्षमा, कृपा और समता (समानता) रूपी रस्सियों से रथ के साथ मजबूती से बंधे हुए हैं।
प्रश्न-19 भगवान झूलेलाल की पूजा क्यों की जाती है? [3]
उत्तर: भगवान झूलेलाल को सिंधी समाज का इष्ट देव और वरुण देव (जल के देवता) का अवतार माना जाता है। जल और समुद्र के प्रकोप से रक्षा करने तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति के लिए भगवान झूलेलाल की पूजा की जाती है।
प्रश्न-20 निम्नलिखित शब्दों के कम से कम दो अर्थ लिखकर उन्हें वाक्यों में प्रयोग कीजिए। [3]
- (अ) आम
- (ब) अर्थ
उत्तर:
(अ) आम:
1. एक फल – गर्मियों के मौसम में मुझे आम खाना बहुत पसंद है।
2. साधारण/सामान्य – महंगाई से आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है।
(ब) अर्थ:
1. मतलब / अभिप्राय – मुझे इस कठिन कविता का अर्थ समझ में नहीं आ रहा है।
2. धन / पैसा – आज के युग में अर्थ के बिना जीवन जीना अत्यंत कठिन है।
(अ) आम:
1. एक फल – गर्मियों के मौसम में मुझे आम खाना बहुत पसंद है।
2. साधारण/सामान्य – महंगाई से आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है।
(ब) अर्थ:
1. मतलब / अभिप्राय – मुझे इस कठिन कविता का अर्थ समझ में नहीं आ रहा है।
2. धन / पैसा – आज के युग में अर्थ के बिना जीवन जीना अत्यंत कठिन है।
प्रश्न-21 निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए- [3]
विद्यालय में छात्र का चरित्र निर्माण होता है। निष्कपट और निस्वार्थ भाव से सेवा करने का पाठ भी यहीं सिखाया जाता है। गुरु आज्ञा का पालन और राष्ट्रप्रेम का संदेश भी यहीं मिलता है। यथाशक्ति मानवता को पोषित करने का भाव भी यहीं मिलता है। वास्तव में विद्यालय व्यक्तित्व निर्माण की कार्यशाला और राष्ट्रधर्म को अंकुरित करने की पौधशाला है।
- (अ) गुरु की आज्ञा मानने का संदेश कहाँ मिलता है?
- (ब) विद्यालय व निस्वार्थ शब्दों का संधि विच्छेद कीजिए।
- (स) विद्यालय किसकी पौधशाला है?
उत्तर:
(अ) गुरु की आज्ञा मानने का संदेश विद्यालय में मिलता है।
(ब) विद्यालय: विद्या + आलय (दीर्घ स्वर संधि)। निस्वार्थ: निः + स्वार्थ (विसर्ग संधि)।
(स) विद्यालय राष्ट्रधर्म को अंकुरित करने की पौधशाला है।
(अ) गुरु की आज्ञा मानने का संदेश विद्यालय में मिलता है।
(ब) विद्यालय: विद्या + आलय (दीर्घ स्वर संधि)। निस्वार्थ: निः + स्वार्थ (विसर्ग संधि)।
(स) विद्यालय राष्ट्रधर्म को अंकुरित करने की पौधशाला है।
प्रश्न-22 निम्नलिखित के दो – दो पर्यायवाची शब्द लिखिए- [3]
- 1. निशा –
- 2. सरिता –
- 3. बादल –
उत्तर:
1. निशा: रात, रात्रि, रजनी
2. सरिता: नदी, तटिनी, तरंगिणी
3. बादल: मेघ, जलद, घन, वारिद
1. निशा: रात, रात्रि, रजनी
2. सरिता: नदी, तटिनी, तरंगिणी
3. बादल: मेघ, जलद, घन, वारिद
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 23-26)
निर्देश- नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर 70-80 शब्दों में लिखिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 5 अंक निर्धारित हैं।
प्रश्न-23 ‘आत्मविश्वास’ के बूते पर जीवन में सब कुछ करना संभव है, किसी एक महापुरुष का उदाहरण देते हुए स्पष्ट कीजिए। [5]
उत्तर: यह कथन पूर्णतः सत्य है कि आत्मविश्वास के बल पर जीवन में कुछ भी हासिल किया जा सकता है। आत्मविश्वास वह आंतरिक शक्ति है जो असंभव को भी संभव बना देती है।
इसका सबसे उत्तम उदाहरण नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन से मिलता है। जब वे आई.सी.एस. (I.C.S.) की कठिन परीक्षा दे रहे थे, तब एक अंग्रेज परीक्षक ने उनके आत्मविश्वास की परीक्षा लेने के लिए तेजी से घूमते हुए बिजली के पंखे की ओर इशारा करके पूछा, “क्या इसकी पंखुड़ियाँ गिनी जा सकती हैं?” नेताजी ने तनिक भी घबराए बिना पूरे आत्मविश्वास के साथ पंखा बंद किया और कहा, “जी हाँ, बहुत आसानी से।” उनके इस अदम्य आत्मविश्वास को देखकर अंग्रेज परीक्षक भी दंग रह गया। इसी आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने ‘आज़ाद हिन्द फौज’ का गठन किया और अंग्रेजों के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया।
इसका सबसे उत्तम उदाहरण नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन से मिलता है। जब वे आई.सी.एस. (I.C.S.) की कठिन परीक्षा दे रहे थे, तब एक अंग्रेज परीक्षक ने उनके आत्मविश्वास की परीक्षा लेने के लिए तेजी से घूमते हुए बिजली के पंखे की ओर इशारा करके पूछा, “क्या इसकी पंखुड़ियाँ गिनी जा सकती हैं?” नेताजी ने तनिक भी घबराए बिना पूरे आत्मविश्वास के साथ पंखा बंद किया और कहा, “जी हाँ, बहुत आसानी से।” उनके इस अदम्य आत्मविश्वास को देखकर अंग्रेज परीक्षक भी दंग रह गया। इसी आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने ‘आज़ाद हिन्द फौज’ का गठन किया और अंग्रेजों के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया।
प्रश्न-24 मीरा की भक्ति भावना पर अपने विचार प्रकट कीजिए। [5]
उत्तर: संत मीराबाई की भक्ति भावना मुख्य रूप से ‘माधुर्य भाव’ (प्रेम भाव) की है। वे भगवान श्रीकृष्ण को केवल अपना आराध्य ही नहीं, बल्कि अपना सर्वस्व और पति मानती थीं।
उनकी भक्ति में अनन्य प्रेम, पूर्ण समर्पण और संसार के प्रति गहरा वैराग्य देखने को मिलता है। उन्होंने श्रीकृष्ण की भक्ति के लिए राजसी सुख-सुविधाओं, राजमहल और यहाँ तक कि लोक-लाज का भी त्याग कर दिया था। मीराबाई का मानना था कि ईश्वर की प्राप्ति केवल सच्चे प्रेम से ही हो सकती है। उनके पदों में विरह की वेदना और मिलन की तड़प स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने ‘राम रतन धन’ को ही जीवन की सबसे बड़ी और सच्ची संपत्ति माना है जिसे न कोई चुरा सकता है और न ही वह कभी खर्च होता है।
उनकी भक्ति में अनन्य प्रेम, पूर्ण समर्पण और संसार के प्रति गहरा वैराग्य देखने को मिलता है। उन्होंने श्रीकृष्ण की भक्ति के लिए राजसी सुख-सुविधाओं, राजमहल और यहाँ तक कि लोक-लाज का भी त्याग कर दिया था। मीराबाई का मानना था कि ईश्वर की प्राप्ति केवल सच्चे प्रेम से ही हो सकती है। उनके पदों में विरह की वेदना और मिलन की तड़प स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने ‘राम रतन धन’ को ही जीवन की सबसे बड़ी और सच्ची संपत्ति माना है जिसे न कोई चुरा सकता है और न ही वह कभी खर्च होता है।
प्रश्न-25 पिता को वार्षिक परीक्षा की जानकारी देने हेतु पत्र लिखिए। [5]
उत्तर:
छात्रावास, उत्कृष्ट विद्यालय,
भोपाल (म.प्र.)
दिनांक: 20 फरवरी 2026
पूज्य पिताजी,
सादर चरण स्पर्श।
मैं यहाँ कुशल-मंगल हूँ और आशा करता हूँ कि आप सभी भी घर पर सकुशल होंगे। पिताजी, यह पत्र मैंने आपको अपनी आगामी वार्षिक परीक्षा की तैयारी की जानकारी देने के लिए लिखा है। मेरी वार्षिक परीक्षाएँ अगले सप्ताह से प्रारम्भ होने जा रही हैं। मैंने सभी विषयों का पाठ्यक्रम बहुत अच्छी तरह से पूरा कर लिया है और इन दिनों उनका रिवीजन कर रहा हूँ। गणित और अंग्रेजी के कठिन विषयों पर मैंने अपने शिक्षकों से विशेष मार्गदर्शन लिया है।
मुझे पूरा विश्वास है कि आपकी कृपा और मेरे परिश्रम से इस बार भी मैं अपनी कक्षा में प्रथम श्रेणी प्राप्त करूँगा। माताजी को मेरा प्रणाम कहिएगा और छोटी बहन को स्नेह।
आपका आज्ञाकारी पुत्र
[अपना नाम / क.ख.ग.]
छात्रावास, उत्कृष्ट विद्यालय,
भोपाल (म.प्र.)
दिनांक: 20 फरवरी 2026
पूज्य पिताजी,
सादर चरण स्पर्श।
मैं यहाँ कुशल-मंगल हूँ और आशा करता हूँ कि आप सभी भी घर पर सकुशल होंगे। पिताजी, यह पत्र मैंने आपको अपनी आगामी वार्षिक परीक्षा की तैयारी की जानकारी देने के लिए लिखा है। मेरी वार्षिक परीक्षाएँ अगले सप्ताह से प्रारम्भ होने जा रही हैं। मैंने सभी विषयों का पाठ्यक्रम बहुत अच्छी तरह से पूरा कर लिया है और इन दिनों उनका रिवीजन कर रहा हूँ। गणित और अंग्रेजी के कठिन विषयों पर मैंने अपने शिक्षकों से विशेष मार्गदर्शन लिया है।
मुझे पूरा विश्वास है कि आपकी कृपा और मेरे परिश्रम से इस बार भी मैं अपनी कक्षा में प्रथम श्रेणी प्राप्त करूँगा। माताजी को मेरा प्रणाम कहिएगा और छोटी बहन को स्नेह।
आपका आज्ञाकारी पुत्र
[अपना नाम / क.ख.ग.]
प्रश्न-26 निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखिए- [5]
- 1. विज्ञान के चमत्कार
- 2. कोई महापुरुष
- 3. पुस्तकालय का महत्व
उत्तर: निबंध – (1) विज्ञान के चमत्कार
प्रस्तावना: आज का युग विज्ञान का युग है। मनुष्य ने विज्ञान की सहायता से प्रकृति के कई रहस्यों को सुलझा लिया है। हमारे जीवन का कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जहाँ विज्ञान ने अपना प्रभाव न छोड़ा हो। आज सुई से लेकर अंतरिक्ष यान तक सब विज्ञान की ही देन हैं।
यातायात और संचार के क्षेत्र में: पहले जहाँ यात्रा करने में महीनों का समय लगता था, आज रेलगाड़ी, हवाई जहाज़ और मोटर वाहनों की मदद से वही सफर चंद घंटों में तय हो जाता है। मोबाइल, इंटरनेट और टेलीविजन के आविष्कार ने पूरी दुनिया को एक छोटे से परिवार में बदल दिया है। हम घर बैठे दुनिया के किसी भी कोने में बात कर सकते हैं।
चिकित्सा और शिक्षा: चिकित्सा के क्षेत्र में विज्ञान ने एक्स-रे, सोनोग्राफी और कई जीवन रक्षक दवाइयों का आविष्कार किया है, जिससे कैंसर और टी.बी. जैसी भयानक बीमारियों का इलाज संभव हो पाया है। कंप्यूटर और स्मार्ट क्लास के कारण शिक्षा के क्षेत्र में भी एक बड़ी क्रांति आई है।
उपसंहार: विजकक्षा 8 हिंदी प्रश्न पत्र 2025-26 (हल सहित)
प्रस्तावना: आज का युग विज्ञान का युग है। मनुष्य ने विज्ञान की सहायता से प्रकृति के कई रहस्यों को सुलझा लिया है। हमारे जीवन का कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जहाँ विज्ञान ने अपना प्रभाव न छोड़ा हो। आज सुई से लेकर अंतरिक्ष यान तक सब विज्ञान की ही देन हैं।
यातायात और संचार के क्षेत्र में: पहले जहाँ यात्रा करने में महीनों का समय लगता था, आज रेलगाड़ी, हवाई जहाज़ और मोटर वाहनों की मदद से वही सफर चंद घंटों में तय हो जाता है। मोबाइल, इंटरनेट और टेलीविजन के आविष्कार ने पूरी दुनिया को एक छोटे से परिवार में बदल दिया है। हम घर बैठे दुनिया के किसी भी कोने में बात कर सकते हैं।
चिकित्सा और शिक्षा: चिकित्सा के क्षेत्र में विज्ञान ने एक्स-रे, सोनोग्राफी और कई जीवन रक्षक दवाइयों का आविष्कार किया है, जिससे कैंसर और टी.बी. जैसी भयानक बीमारियों का इलाज संभव हो पाया है। कंप्यूटर और स्मार्ट क्लास के कारण शिक्षा के क्षेत्र में भी एक बड़ी क्रांति आई है।
उपसंहार: विज
2026HND108404
राज्य शिक्षा केन्द्र म. प्र. भोपाल
वार्षिक परीक्षा सत्र 2025-26
विषय-हिंदी (प्रथम भाषा)
बहुविकल्पीय प्रश्न (प्रश्न 1-5)
निर्देश- सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक निर्धारित है।
प्रश्न-1 नंदवंश को हटाकर मौर्यवंश की स्थापना किसने की थी?
[1]
प्रश्न-2 ‘विहग वृन्द’ का आशय क्या है?
[1]
प्रश्न-3 आर्यभट की पुस्तक का नाम क्या था?
[1]
प्रश्न-4 मुंडा समाज के आराध्य देव ‘सिंग’ का अर्थ क्या है?
[1]
प्रश्न-5 ‘अभिमान’ शब्द में उपसर्ग है –
[1]
रिक्त स्थान (प्रश्न 6-10)
निर्देश- नीचे दिए गए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक निर्धारित है।
प्रश्न-6 हरी पुस्तिका का प्रकाशन राजकोट (या 1896 ई.) में हुआ था।
[1]
प्रश्न-7 वीणा बजाने वाली देवी सरस्वती है।
[1]
प्रश्न-8 सुख का एक द्वार बंद होने पर दूसरा द्वार खुल जाता है।
[1]
प्रश्न-9 ‘भेड़ाघाट’ पाठ यात्रा-वृत्तांत विधा में लिखा गया है।
[1]
नोट: इस पाठ में लेखक ने नर्मदा नदी के तट और भेड़ाघाट की यात्रा का मनोरम वर्णन किया है।
प्रश्न-10 ‘भीख’ शब्द का तत्सम रूप भिक्षा है।
[1]
अति लघु उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 11-16)
निर्देश- नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर एक शब्द/वाक्य में लिखिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 2 अंक निर्धारित हैं।
प्रश्न-11 आदि मानव का पत्थर बन चुका ‘कपाल’ मध्यप्रदेश के किस जिले से प्राप्त हुआ है? [2]
उत्तर: आदि मानव का पत्थर बन चुका कपाल मध्यप्रदेश के सीहोर जिले (हथनौरा) से प्राप्त हुआ है।
प्रश्न-12 आहार कितने प्रकार के होते हैं? उनके नाम लिखिए। [2]
उत्तर: आहार मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं: सात्विक, राजसिक और तामसिक।
कक्षा 8वीं के छात्रों के लिए सूचना: कई जिलों में प्रश्न पत्र अलग-अलग आ रहे हैं, हालांकि कुछ जिलों में पेपर समान भी मिला है। जैसे दतिया और गुना जिले का पेपर लगभग सेम आया था। इसलिए छात्रों को अपने जिले के अनुसार पेपर की जानकारी देखना जरूरी है।
यदि आपको अपने जिले के पेपर या किसी प्रश्न की जानकारी चाहिए तो कमेंट में पूछ सकते हैं। सभी जिलों के रियल पेपर का सॉल्यूशन हम यहीं देते हैं, साथ ही व्हाट्सएप और टेलीग्राम चैनल पर पीडीएफ भी उपलब्ध कराते हैं ताकि आपको समय पर अपडेट मिल सके।
यह प्रश्न पत्र आपके जिले में नहीं आया है तो मैं आपको बता दूं कि उसका समाधान जो है टेलीग्राम चैनल पर भेज दिया गया है साथ ही टेलीग्राम ग्रुप और व्हाट्सएप चैनल पर भेज दिया है।
Class - 8
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